🌞 मकर संक्रांति का महत्व
!!श्रीर्जयति!! श्री ललिता महात्रिपुर सुन्दरी श्री श्रीजी शक्तिपीठ मथुरा (श्रीविद्या शक्तिपीठ/ श्री यमुनाजी धर्मराज वाले) (महाराजवंश) 🌞 मकर संक्रांति का महत्व दान, करने योग्य व वर्जित कर्म | शास्त्रीय प्रमाण, लोक मान्यताएँ व क्षेत्रीय परंपराएँ ✨ भूमिका मकर संक्रांति हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र और वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का सूचक है और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में इसे देवताओं का दिन कहा गया है, अतः इस दिन किए गए पुण्यकर्मों का फल अक्षय माना जाता है। ☀️ मकर संक्रांति का शास्त्रीय महत्व 📜 उत्तरायण का महत्व भगवद्गीता (अध्याय 8, श्लोक 24) में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: अग्निर्ज्योतिरहः शुक्लः षण्मासा उत्तरायणम्। तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः॥ अर्थ: उत्तरायण, शुक्ल पक्ष, प्रकाश – इन कालों में देह त्याग करने वाले ब्रह्मज्ञानी परम गति को प्राप्त होते हैं। 👉 इसी कारण भीष्म पितामह ने शरशय्या पर रहते हुए उत्तरायण की प्रतीक्षा की थी। 📜 सूर्योपासना का पर्व ऋग्वेद में सूर्य ...